भ्रामक वित्तीय उत्पाद बेचने वालों पर आरबीआई की सख्ती

रुड़की (काशिफ़ सुल्तान) अब बैंक किसी भी उत्पाद को तभी बेच सकेगा जब ग्राहक ने उसके लिए स्पष्ट सहमति दी हो।
बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान अब ग्राहकों को भ्रमित कर या गलत जानकारी देकर उनको अपने उत्पाद नहीं बेच पाएंगे,अगर उन्होंने ऐसा किया तो तय समय में उस उत्पाद की मूल कीमत के साथ साथ नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा भी देना होगा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्राहकों की लिखित सहमति लेने में हो रहे बड़े खेल को रोकने के लिए नियम काफी सख्त कर दिए हैं।
इनमें होम लोन,बीमा पॉलिसी,पर्सनल लोन,क्रेडिट कार्ड,डेबिट कार्ड,आदि शामिल हैं,ग्राहकों को अब इनके लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा।