भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर सभी को हैरान कर दिया है। मलिक ने भारतीय रेसलिंग फेडरेशन के नए अध्यक्ष के रूप में संजय सिंह ‘बबलू’ (Sanjay Singh) के चुने जाने के बाद ये फैसला किया है। साक्षी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं कुश्ती से संन्यास ले रही हूं।


संजय सिंह के विरोध में किया सन्यास का ऐलान
भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के एक सहयोगी के आज हुए चुनावों में शीर्ष पद पर आने के बाद मलिक ने घोषणा की कि वह विरोध में खेल छोड़ देंगी। संजय सिंह, बृजभूषण शरण सिंह के लंबे समय से सहयोगी हैं, जो 12 साल तक डब्ल्यूएफआई प्रमुख थे।

उत्तर प्रदेश से छह बार के भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह को उस समय पद से हटना पड़ा, जब Sakshi Malik सहित शीर्ष पहलवानों ने उन पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।

अनीता श्योराण के हाथ लगी निराशा
आज हुए चुनाव में संजय सिंह को 47 में से 40 वोट मिले। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अनीता श्योराण, जो डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पद के लिए प्रदर्शनकारी पहलवानों की पसंद थीं, केवल सात वोट पाने में सफल रहीं। देश के शीर्ष पहलवानों, सुश्री मलिक्ख, विनेश फोगट और बजरंग पुनिया ने परिणामों पर निराशा व्यक्त की।

