

Dehradun: भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में अब नियमित अंतराल पर ‘वॉटर बेल’ बजाई जाएगी। साथ ही प्रत्येक विद्यालय स्तर पर हीटवेव एक्शन प्लान तैयार करना अनिवार्य किया गया है।

मंगलवार, 21 अप्रैल को प्रकाशित खबर “स्कूलों में नहीं बजी पानी की घंटी, आदेश बेअसर” के बाद शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

इससे पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्कूलों में नियमित रूप से पानी पीने के लिए घंटी बजाने के निर्देश दिए थे, ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर हाइड्रेट रह सकें। हालांकि, यह आदेश जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं हो पाया था।
नए निर्देशों के तहत सभी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और आवश्यकता अनुसार स्कूल समय में बदलाव करने को कहा गया है। इसके साथ ही कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
छात्र-छात्राओं को हीटवेव से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, गर्मी के मौसम में तेज धूप के दौरान खेलकूद और अन्य बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्कूल प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि छुट्टी के बाद छात्र-छात्राएं समूह में घर लौटें, ताकि किसी आपात स्थिति में एक-दूसरे की मदद मिल सके।
शिक्षा महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

