

हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा हरिद्वार के वीआईपी घाट और लाल कोठी में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर ‘किसान कुंभ-2026’ में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे किसानों ने भाग लिया। हरिद्वार की सीमावर्ती जिलों से भी बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ भंडारा और लंगर सेवा लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। सुबह से ही मुख्य सभा स्थल पर किसानों की भारी भीड़ पंचायत में हिस्सा लेने के लिए जुटी रही।
सभा को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, शोषित और पिछड़े वर्गों के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं, जिनका सामना नीतिगत फैसलों और एकजुट प्रयासों से करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारें देशहित की अपेक्षा कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिसका असर आम जनता और किसानों पर पड़ रहा है।
राकेश टिकैत ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से मध्यम वर्ग को गहरी चोट पहुंची है। आय के सीमित साधनों के बीच परिवार का पालन-पोषण करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह समझौता लागू होता है तो देश का किसान हाशिए पर पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत देश की आर्थिक रीढ़ है और इसे सुरक्षित रखने के लिए किसानों को संगठित होकर संघर्ष करना होगा। साथ ही संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने की अपील की, ताकि किसान आंदोलन को नई ऊर्जा मिल सके।
शिविर में महाराष्ट्र के प्रभारी चंद्रशेखर पाटिल, प्रदेश महासचिव ताई रूपाली पाटिल, हिमाचल प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष जयराम सिंह ठाकुर, जम्मू-कश्मीर युवा अध्यक्ष विनोद कोतवाल, बिहार चंपारण के अध्यक्ष नंदलाल यादव, हरियाणा से राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सरौत, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता, प्रदेश महासचिव दर्शन सिंह, उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजपाल शर्मा, युवा अध्यक्ष अनुज सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा, जम्मू-कश्मीर प्रभारी कुशलपाल सिंह आर्य, वरिष्ठ पत्रकार अनिल चौधरी, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पवन खटाना, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुभाष चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के अनेक पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पवन खटाना ने किया, जबकि अध्यक्षता सरदार हरि सिंह ने की। भाकियू पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में जारी रहने वाले चिंतन शिविर में देशहित और किसान हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर संगठन की ओर से नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे।
