
देहरादून। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में कक्षा एक से आठवीं तक धार्मिक शिक्षा लागू करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार किया है। पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले प्राधिकरण ने अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर उनके सुझाव आमंत्रित किए।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सभागार में आयोजित बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने बताया कि तैयार किए गए ड्राफ्ट को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप तीन स्तरों में विभाजित किया गया है। इसके तहत आधारभूत स्तर में कक्षा एक से दो, प्रारंभिक स्तर में कक्षा तीन से पांच तथा मध्य स्तर में कक्षा छह से आठ को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम का मूल्यांकन केवल मौखिक प्रश्नों, प्रतियोगिताओं और चित्र प्रस्तुति के माध्यम से किया जाएगा।
बैठक में दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डीएस मान सहित डीएस बिंद्रा, जसवीर कौर, सुंदर सिंह चौहान, डॉ. दलजीत कौर, दयाल एम. लाल, अवतार सिंह चावला, मोहम्मद सलीम, मोहन सिंह तथा अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव दिए, जिन्हें अंतिम प्रारूप में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
