


देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार से हो रही है। निर्वाचन आयोग ने अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (Enumeration Form) उपलब्ध कराएंगे। मतदाता आवश्यकता पड़ने पर ‘बुक ए कॉल’ सुविधा के माध्यम से भी बीएलओ से संपर्क कर सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 11,733 बीएलओ को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं और अभियान के दौरान प्रत्येक मतदाता तक ये प्रपत्र पहुंचाए जाएंगे।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, 8 जून से शुरू होने वाले इस विशेष अभियान के तहत प्राप्त गणना प्रपत्रों को बीएलओ एक माह की अवधि में, 7 जुलाई तक, बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटल रूप से दर्ज करेंगे। इसके लिए बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे।
दस्तावेज सत्यापन पर रहेगा विशेष ध्यान
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन मतदाताओं का विवरण उपलब्ध नहीं होगा अथवा जिनकी जानकारी वर्ष 2003 की मतदाता सूची के डेटाबेस से मेल नहीं खाएगी, उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा।
नोटिस प्राप्त होने पर संबंधित मतदाताओं को अपनी नागरिकता तथा जन्म संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इन दस्तावेजों के आधार पर उनके विवरण का सत्यापन किया जाएगा।
निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बीएलओ को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाने में सहयोग करें।
