
देहरादून। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तराखंड में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी गई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के निर्देश पर पंजीकृत विक्रेताओं (वेंडर्स) के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण और उनकी जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
राज्य में योजना के तहत बड़ी संख्या में घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे में तकनीकी मानकों की अनदेखी, अधूरी स्थापना, सुरक्षा संबंधी खामियां, वारंटी में लापरवाही तथा उपभोक्ता शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई विक्रेता सोलर पीवी मॉड्यूल, इन्वर्टर या अन्य उपकरणों की निर्धारित तकनीकी विशिष्टताओं का पालन नहीं करता, शिकायतों का समय पर समाधान नहीं करता, वारंटी अथवा तकनीकी प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराता या भुगतान लेने के बाद कार्य अधूरा छोड़ देता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नई एसओपी के अनुसार शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता को ई-मेल के माध्यम से स्पष्टीकरण देने के लिए आठ दिन का समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर रिमाइंडर भेजा जाएगा। कुल 15 दिनों के भीतर संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने या शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता का पोर्टल अकाउंट एक माह के लिए निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत जिन विक्रेताओं का पोर्टल अकाउंट निष्क्रिय किया जाएगा, उनकी सूची राष्ट्रीय पोर्टल पर सार्वजनिक की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी जानकारी उपलब्ध होगी और वे सोलर संयंत्र लगाने के लिए विक्रेता का चयन अधिक सतर्कता और विश्वास के साथ कर सकेंगे।
