

रुड़की। रुड़की के नेहरू स्टेडियम के विकास कार्यों के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया के निरस्त होने पर स्थानीय विधायक प्रदीप बत्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विधायक ने प्रक्रिया में हो रही देरी और उस पर होने वाले सरकारी खर्च को लेकर विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा है।
विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि किसी भी सरकारी कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाना एक अनिवार्य कदम है, लेकिन इसे बिना किसी ठोस कारण के निरस्त करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि एक टेंडर को आमंत्रित करने और उसकी पूरी कागजी कार्रवाई में लाखों रुपये का खर्च आता है।
ऐसे में बार-बार टेंडर निरस्त होने से न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि राजस्व का भी नुकसान होता है।विधायक ने अधिकारियों से बातचीत में स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा टेंडर प्रक्रिया पूरी ईमानदारी के साथ पूरी की जानी चाहिए।
यदि प्रक्रिया में कहीं कोई तकनीकी खामी या गड़बड़ी मिलती है, तो निश्चित रूप से उस पर जांच के बाद सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।जनता के हित में स्टेडियम का निर्माण कार्य समय पर शुरू होना चाहिए।
जल्द समाधान की उम्मीद
प्रदीप बत्रा ने उम्मीद जताई कि विभाग जल्द ही अपनी कमियों को दूर कर नेहरू स्टेडियम के टेंडर की प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएगा, ताकि शहर के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं जल्द मिल सकें।
