

देहरादून। सहकारिता विभाग ने सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी के मामले में नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेकॉफ) के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने संस्था के विरुद्ध दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही उसे पूरे देश में ब्लैकलिस्ट करने और सरकारी धन की वसूली की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत टिहरी की एक सहकारी समिति को स्वीकृत धनराशि में से 71.90 लाख रुपये नेकॉफ को दिए गए थे। हालांकि, पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो परियोजना पर कार्य शुरू किया गया और न ही राशि वापस की गई।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ई-एमसीपी योजना के तहत प्रदेश की नौ सहकारी संस्थाओं से संबंधित 75.82 लाख रुपये के सरकारी धन के उपयोग में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहकारिता सचिव के निर्देश पर थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराने के लिए पत्र भेज दिया गया है।
परियोजना निदेशक आनंद शुक्ल ने कहा कि सरकारी धन के दुरुपयोग और सहकारी संस्थाओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
