


नई दिल्ली, संवाददाता।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताएं उठाई गई थीं। अदालत के इस निर्णय के बाद फिलहाल प्रस्तावित प्रदर्शन पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है।
याचिका में तर्क दिया गया था कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की थी।

हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं मानते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने इस संबंध में कोई अंतरिम आदेश भी जारी नहीं किया।
अदालत के फैसले के बाद संबंधित संगठन को अपना प्रस्तावित प्रदर्शन आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है, बशर्ते कि प्रदर्शन के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी अनुमतियां प्राप्त की जाएं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग किया जाए।
कोर्ट ने संकेत दिया कि मामले में आगे की सुनवाई उचित समय पर की जा सकती है। वहीं, प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां किए जाने की संभावना है।
