ऐथल गांव में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची ऊर्जा निगम की टीम का विरोध, बैरंग लौटी टीम

लक्सर। ऐथल गांव में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची ऊर्जा निगम की टीम को शनिवार को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों को गांव में मीटर स्थापित नहीं करने दिए। स्थिति को देखते हुए विभागीय टीम को बिना कार्य किए वापस लौटना पड़ा। विरोध के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।

ऊर्जा निगम इन दिनों नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने बिजली मीटरों को बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाने के लिए अभियान चला रहा है। हालांकि कई स्थानों पर इस अभियान का विरोध भी देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में शनिवार को निगम की टीम तहसील क्षेत्र के ऐथल गांव में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी।

टीम के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि सरकार उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट मीटर थोपने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप था कि पहले से ही महंगी बिजली का बोझ झेल रहे उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर के जरिए अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ सकता है।

मौके पर मौजूद ऊर्जा निगम के एसडीओ अमीचंद और सचिन सचदेवा सहित अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्मार्ट मीटरों के लाभ और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक चली बातचीत के बाद भी विरोध शांत नहीं हुआ।

ग्रामीणों के बढ़ते विरोध को देखते हुए विभागीय टीम को बिना मीटर लगाए ही वापस लौटना पड़ा।

ऊर्जा निगम के एसडीओ सचिन सचदेवा ने बताया कि ग्रामीणों को स्मार्ट मीटरों के संबंध में जागरूक करने और उनकी शंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शनिवार को विरोध के कारण स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य नहीं हो सका। विभाग आगे भी ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर योजना को लागू करने का प्रयास करेगा।