चारधाम यात्रा से पहले खतरे का संकेत: बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन जोन बने परेशानी

बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनला से पीपलकोटी (करीब 25 किमी) के बीच स्थित पर्थाडीप भूस्खलन जोन इस बार भी चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बना रह सकता है।

हालांकि एनएचआईडीसीएल ने करीब 60 मीटर क्षेत्र में भूस्खलन रोकने के इंतजाम किए हैं, लेकिन करीब 20 मीटर का हिस्सा अब भी बेहद खराब स्थिति में है। यहां ऊपर से लगातार पहाड़ी दरक रही है, जबकि नीचे अलकनंदा नदी बह रही है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।

⚠️ इन जगहों पर जाम और जोखिम बरकरार

मैठाणा से पीपलकोटी तक का करीब 20 किमी सफर अब पहले से बेहतर और आरामदायक हो गया है, लेकिन कई स्थान अब भी परेशानी का कारण बने हुए हैं।
नंदप्रयाग बाजार से पहले, चमोली चाड़ा, चमोली बाजार से आगे और बिरही चाड़ा के पास ऑल वेदर रोड परियोजना की अधूरी कटिंग के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है।

नंदप्रयाग के पास पर्थाडीप भूस्खलन जोन में अभी भी टनों मलबा जमा है, जो बारिश के दौरान गंभीर समस्या खड़ी कर सकता है। पहाड़ी से चीड़ के पेड़ भी टूटकर गिर रहे हैं। सुरक्षा दीवार बनाई गई है, लेकिन भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है।

🏗️ कहीं सुधार, कहीं अधूरा काम

मैठाणा क्षेत्र में भूधंसाव को रोकने के लिए मिट्टी भरान का काम जारी है, लेकिन यहां हाईवे लगातार अलकनंदा की ओर खिसक रहा है। चारधाम यात्रा शुरू होने तक डामरीकरण पूरा करने का लक्ष्य है।

चमोली बाजार के पास चाड़ा तोक में पिछले चार साल से हिल कटिंग का काम अधूरा पड़ा है, जिससे दशोली ब्लॉक जाने वाले मार्ग के पास करीब 20 मीटर हिस्से में जाम की स्थिति बन सकती है।

हालांकि, क्षेत्रपाल भूस्खलन जोन को सुरक्षित कर दिया गया है और बारिश के पानी की निकासी का भी प्रबंध किया गया है।
छिनका और बिरही के पास हाईवे चौड़ीकरण का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा कौड़िया, मायापुर और गडोरा क्षेत्रों में भी सड़क चौड़ीकरण से यातायात अब सुगम हो गया है।

🚧 यात्रियों को सावधानी जरूरी

चारधाम यात्रा के मद्देनजर इस मार्ग पर अब भी कई संवेदनशील स्थान बने हुए हैं। ऐसे में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।