


सहसपुर/देहरादून। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी विनोद कुमार की हत्या के बाद सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। रविवार देर रात तक पुलिस अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद मृतक का पंचनामा नहीं भर पाया था, जिसके कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी। पुलिस सोमवार को पंचनामा की कार्रवाई पूरी कराने का प्रयास करेगी।
मृतक के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त कानूनी कार्रवाई और उनके मकानों को ध्वस्त करने की मांग की थी। प्रशासन ने रविवार रात आरोपियों के मकानों पर कार्रवाई करते हुए निर्माण ध्वस्त कराया। वहीं पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

हत्या के बाद भड़का जनाक्रोश
शनिवार रात भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या की खबर फैलते ही बैरागीवाला गांव में तनाव बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ भाजपा कार्यकर्ता, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के सदस्य मौके पर पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया, लेकिन लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
रात के दौरान कुछ लोगों ने आरोपी पक्ष के घरों और एक धार्मिक स्थल के आसपास तोड़फोड़ का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने दून-पांवटा राजमार्ग जाम कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं
रविवार सुबह करीब 10 बजे तक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने पर 500 से अधिक ग्रामीण और कार्यकर्ता आरोपी पक्ष के घरों की ओर बढ़ गए। उग्र भीड़ ने भूसे से भरे दो कमरों में आग लगा दी। इसके अलावा एक अन्य मकान के कमरे में तोड़फोड़ कर सामान को आग के हवाले कर दिया गया। लकड़ी रखने के लिए बने कमरे और एक बाइक को भी आग लगा दी गई। प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रैक्टर को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया।
पूरे क्षेत्र में नारेबाजी और प्रदर्शन का माहौल बना रहा, जिससे प्रशासन और पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।
प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई
बढ़ते जनदबाव के बीच प्रशासन ने करीब 11:30 बजे राजस्व विभाग की पैमाइश के बाद दो आरोपियों के मकानों की चहारदीवारी बुलडोजर से ध्वस्त कर दी। हालांकि प्रदर्शनकारी इससे संतुष्ट नहीं हुए और पूरे मकान गिराने की मांग पर अड़े रहे।
इस दौरान कुछ लोग निजी जेसीबी मशीन लेकर भी मकान ढहाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें वापस भेज दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार समझाइश का दौर चलता रहा।
दो दुकानें भी की गईं ध्वस्त
भीड़ का आक्रोश कम न होने पर प्रशासन ने गांव को राजमार्ग से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर स्थित आरोपी पक्ष की दो दुकानों को भी जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी राजमार्ग पर धरना देते रहे और आरोपियों के मकानों को पूरी तरह गिराने तथा कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे।
देहरादून सहित अन्य जिलों से पहुंचे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सुरक्षा कारणों से राजमार्ग पर ही रोक दिया। पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

योगी मॉडल की मांग तेज
हत्या के बाद प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग तेज कर दी। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को रविवार सुबह 10 बजे तक कार्रवाई के लिए समय दिया था और चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्वयं आरोपियों के मकान गिराएंगे।
रविवार को प्रदर्शन के दौरान लगातार “योगी मॉडल” लागू करने के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पक्ष के मकानों को पूरी तरह ध्वस्त करने और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग दोहराई।
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
