अल्मोड़ा में NGO पर संगठित हमले के आरोप, CBI जांच की मांग तेज

अल्मोड़ा/देहरादून:
जनपद अल्मोड़ा के ग्राम डांडा-कांडा में पिछले दो दशकों से शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्यरत दि प्लेज़ेंट वैली फाउंडेशन ने अपने ऊपर सुनियोजित आपराधिक हमलों का गंभीर आरोप लगाया है। संस्था ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI-SIT से जांच कराने की मांग की है।

संस्था, जो सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी संगठन है, निर्धन एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। फाउंडेशन का कहना है कि उसका विद्यालय और अनाथालय सैकड़ों बच्चों के भविष्य का आधार है, लेकिन वर्तमान में यह एक संगठित आपराधिक साजिश का शिकार हो रहा है।

गंभीर धाराओं में दर्ज हुई FIR
बताया गया कि 6 अप्रैल 2026 को थाना गोविंदपुर, अल्मोड़ा में FIR संख्या 17/2026 दर्ज की गई, जिसमें नोएडा के एक व्यापारी अपूर्वा जोशी उर्फ भैयाजी जोशी, उनकी पत्नी गीतिका क्वीरा, भाई अजय कुमार जोशी और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई गंभीर धाराओं तथा आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।

पुराने आपराधिक मामलों का भी जिक्र
संस्था ने आरोप लगाया कि मुख्य अभियुक्त अपूर्वा जोशी पहले भी आपराधिक मामलों में दोषसिद्ध हो चुका है। पिथौरागढ़ की अदालत द्वारा 2022 में उसे दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसे 2025 में अपील के दौरान भी बरकरार रखा गया।

भूमि कब्जाने की साजिश के आरोप
फाउंडेशन के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अल्मोड़ा ने संस्था की भूमि और भवनों को अवैध रूप से बेचने की साजिश के मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके आधार पर 1 फरवरी 2026 को एक अन्य मामला (FIR संख्या 5/2026) दर्ज किया गया।

आगजनी और हमले के प्रयास
संस्था ने यह भी दावा किया कि 17 फरवरी 2026 की रात को विद्यालय में पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया गया, जिसके संबंध में FIR संख्या 14/2026 दर्ज है। घटना को सुनियोजित आपराधिक कृत्य बताया गया है।

साइबर और सामाजिक हमलों के आरोप
फाउंडेशन के अनुसार, आरोपियों द्वारा भड़काऊ पोस्टर, फर्जी वीडियो, मॉर्फ्ड सामग्री और हिंसा भड़काने वाले नारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को भ्रमित करने का भी आरोप लगाया गया है।

CBI जांच की मांग
संस्था ने सभी मामलों की जांच एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है। फाउंडेशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वह उच्चतम न्यायालय का रुख करेगा।

संस्था के सचिव सुरेंद्र सिंह रजावत ने कहा कि फाउंडेशन सत्य और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए हर संभव कदम उठाएगा।