

देहरादून। राष्ट्रीय खेलों के दौरान खेल विभाग की ओर से पोर्टल और ऐप विकसित करने का काम खेब टेक स्ट्राटेजी प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। अब इन पोर्टल और ऐप को आईटीडीए के सर्वर पर अपलोड किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही कंपनी की ओर से यूजर आईडी, पासवर्ड समेत अन्य लॉगिन विवरण बदल दिए गए। बताया जा रहा है कि कंपनी के पास वर्तमान में साढ़े तीन लाख से अधिक खिलाड़ियों का डाटा मौजूद है। ऐसे में डाटा चोरी और उसके संभावित दुरुपयोग को लेकर विभागीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक सितंबर को सीएम चैंपियंस ट्रॉफी का उद्घाटन कर चुके हैं। इस योजना के लिए करीब 3.50 लाख खिलाड़ियों ने आवेदन किया था। इसके अलावा मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति योजना का डाटा भी कंपनी के पास होने की बात सामने आई है। इस योजना के तहत पिछले वर्ष करीब 3900 खिलाड़ियों को 11.25 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई थी। इस वर्ष भी योजना के लिए खिलाड़ियों का डाटा पोर्टल पर दर्ज किया गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विभाग ने कंपनी को उसके कार्य के लिए करीब 80 फीसदी भुगतान कर दिया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार शेष भुगतान पोर्टल और ऐप की विधिवत हैंडओवर प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाना था। हालांकि, इससे पहले ही कंपनी की ओर से बिना विभाग को सूचित किए यूजर आईडी और पासवर्ड बदलने की बात सामने आई है। इससे विभाग में चिंता का माहौल है। बताया जा रहा है कि संबंधित कंपनी को मेघालय में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों के लिए भी पोर्टल और ऐप विकसित करने का काम मिला है।
