मकानों और दुकानों में लगातार आ रही दरारों से सहमे लोग, तकनीकी जांच और स्थायी समाधान की मांग


रुड़की। गणेशपुर क्षेत्र में एडीबी के कार्यों के बाद मकानों और दुकानों में दरारें आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सड़क पर सीवर लाइन का एक चैंबर धंसने के बाद एक दिन पहले एक मकान में दरार आने की घटना सामने आई थी। अब कुछ दूरी पर दूसरा चैंबर भी धंस गया, जिससे एक मकान की चहारदीवारी बैठ गई। लगातार सामने आ रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
क्षेत्र में सड़क से लेकर मकानों की दीवारों, छत और फर्श तक दरारें दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुरक्षा की चिंता के चलते कुछ परिवार अपने मकान खाली कर दूसरी जगह रहने को मजबूर हो गए हैं। हाल में बने मकानों में भी दरारें आने की शिकायत सामने आई है। लोगों ने एडीबी के कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा बुधवार को गणेशपुर पहुंचे और प्रभावित मकानों व दुकानों का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और चिंताएं सुनीं। इस दौरान पार्षद कुलदीप तोमर और संजीव तोमर भी मौजूद रहे।
मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी लेते हुए प्रभावित मकानों का तकनीकी परीक्षण कराने और दरारों के वास्तविक कारणों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिवार को भय और असुरक्षा के माहौल में रहने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। प्रभावित लोगों की समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से विशेषज्ञों की टीम भेजकर पूरे क्षेत्र की तकनीकी जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
