शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि, दोषियों को सजा दिलाने की मांग

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति और अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति ने किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम, चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारियों को जल्द पहचान देने की मांग

रुड़की। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति एवं अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति की ओर से संयुक्त रूप से एक और दो सितंबर 1994 को खटीमा और मसूरी में उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में आंदोलनकारियों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके सपनों के उत्तराखंड के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष एवं रुड़की तहसील के प्रथम राज्य आंदोलनकारी हर्ष प्रकाश काला ने की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है।

केंद्रीय महामंत्री एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी प्रेम दत्त शर्मा ने कहा कि जल, जंगल, जमीन, जवानी, मूल निवास और आमजन के विकास जैसे मुद्दों को लेकर उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था, लेकिन ये विषय आज भी पीछे छूट गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भूमाफिया, खनन माफिया, शराब माफिया और होटल माफिया का प्रभाव बढ़ा है, जबकि पलायन की समस्या भी गंभीर बनी हुई है।

मुख्य अतिथि राज्य आंदोलनकारी एवं नगर पंचायत ढंडेरा के चेयरमैन सतीश नेगी ने शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जिस उद्देश्य के लिए आंदोलनकारियों ने शहादत दी, उसकी पूर्ति के लिए आज भी संघर्ष की आवश्यकता है।

इस अवसर पर शहीदों की स्मृति में पूर्वी कैनाल क्षेत्र में पौधरोपण भी किया गया। नीम, जामुन और आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। साथ ही सरकार से चिन्हीकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों को जल्द चिन्हित करने की मांग की गई। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

कार्यक्रम में सितांबरी नेगी, उमा नेगी, जीवनानंद बुडाकोटी, प्रदीप बुडाकोटी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, शिव सिंह रावत, देव सिंह सावंत, रविंद्र सिंह पंवार, सत्यभामा जुगराण, शर्मिला कंडारी, आशा नेगी, विद्या नेगी, रमोती राणा, पवित्रा नेगी, शिव चरण बिंजौला, एचडी देवरानी, अनूप नेगी, आनंद सिंह रावत, सुभाष चंद्र सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।

अंत में दो मिनट का मौन रखकर शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। सभा का संचालन केंद्रीय महामंत्री प्रेम दत्त शर्मा एडवोकेट ने किया।