दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद के लिए बनेगा मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन

देहरादून। प्रदेश में दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, मेडिकल उपकरण और इंप्लांट्स की खरीद अब उत्तराखंड मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन के माध्यम से की जाएगी। मंगलवार को हुई धामी कैबिनेट की बैठक में कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दे दी गई। इसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा सामग्री की समयबद्ध और पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आम जनमानस को जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने और विभागीय स्तर पर विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। कॉरपोरेशन के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के साथ ई-टेंडरिंग, गुणवत्ता परीक्षण, राज्य स्तरीय वेयरहाउस और डिजिटल स्टॉक प्रबंधन की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

सरकारी धन की होगी बचत

कॉरपोरेशन के गठन से अस्पतालों में जरूरी दवाओं और अन्य चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आने और सरकारी धन की बचत होने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक देश के कई राज्यों में इस तरह का मॉडल पहले से लागू है। तमिलनाडु और राजस्थान में मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड का गठन किया जा चुका है। इसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे खरीद लागत कम करने में मदद मिलेगी।

सांख्यिकीय संवर्ग की सेवा नियमावली को मंजूरी

कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग में भर्ती और नियुक्त कर्मचारियों की सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग समूह क, ख एवं ग सेवा नियमावली-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इससे संबंधित कर्मचारियों की सेवा शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने और उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।

हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में खुलेगी एनसीडीसी की शाखा

प्रदेश में महामारी की पहचान और रोकथाम को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की शाखा हरिद्वार स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में खोलने के लिए एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

इस शाखा के खुलने से राज्य में रोग निगरानी, महामारी के प्रकोप की जांच और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही राज्य स्तर पर निदान सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। प्रस्तावित केंद्र में बीएसएल-3 स्तर की प्रयोगशाला सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे गंभीर संक्रामक रोगों की जांच और निगरानी को बेहतर बनाया जा सकेगा।