पांच से अधिक वोटों पर आपत्ति की तो ईआरओ करेंगे जांच

एसआईआर में अब तक 19 लाख मतदाताओं को नोटिस, 77 प्रतिशत प्रक्रिया पूरी; राजनीतिक दलों से लिया फीडबैक

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान यदि कोई मतदाता पांच से अधिक मतदाताओं के वोट पर आपत्ति दर्ज कराता है तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) अपने स्तर से मामले की जांच करेंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से एसआईआर का फीडबैक लेते हुए बताया कि प्रदेशभर में अब तक 19 लाख मतदाताओं को नोटिस तामील कराए जा चुके हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 24 लाख मतदाताओं के सापेक्ष 19 लाख यानी 77 प्रतिशत नोटिस बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी नागरिक को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

93 हजार से अधिक ने भरा फॉर्म-6

नए मतदाता बनने के लिए अब तक 93 हजार से अधिक लोगों ने फॉर्म-6 भरा है। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 1.39 लाख फॉर्म-7 और मतदाता सूची में त्रुटि सुधार के लिए करीब 40 हजार फॉर्म-8 दाखिल किए गए हैं।

दावे और आपत्तियों के चरण में एक मतदाता अधिकतम पांच मामलों में दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। इससे अधिक मामले आने पर नियमानुसार ईआरओ स्वयं जांच और सत्यापन करेंगे। इसी तरह राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म प्रस्तुत कर सकेंगे।

30 फॉर्म पर ईआरओ करेंगे सत्यापन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण अवधि में यदि किसी व्यक्ति की ओर से 30 फॉर्म प्रस्तुत किए जाते हैं, तो ईआरओ अपने स्तर से उनकी विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाई करेंगे। सभी जिलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सामान्य विसंगति वाले नोटिसों का बीएलओ आवश्यक दस्तावेज लेकर मौके पर ही सत्यापन कर निस्तारण करें, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।

जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है, उन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। ऐसे मामलों में ईआरओ और एईआरओ स्तर पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में भाजपा से राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस से सूर्यकांत धस्माना और अमेंद्र बिष्ट, बसपा से सतेंद्र चोपड़ा व जसपाल तथा सीपीआई (एम) से अनंत आकाश मौजूद रहे।