


देहरादून। प्रदेश में भूमि संबंधी विभिन्न मामलों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में सचिवालय कूच किया। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय से नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर बढ़े, लेकिन सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्कामुक्की भी हुई।
राजपुर रोड से सचिवालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जैसे ही पुलिस ने रोका, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ देर बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस द्वारा धरना समाप्त करने की अपील किए जाने पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने गणेश गोदियाल सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचाया, जहां बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि पिछले दस वर्षों में राज्य में भूमि से जुड़े कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्होंने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और सरकारी संसाधनों के संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में हरिद्वार नगर निगम की भूमि खरीद प्रकरण की जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी और कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि भूमि मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र की भूमि के आवंटन, डाकपत्थर क्षेत्र में जल विद्युत निगम की लगभग 180 एकड़ भूमि के हस्तांतरण तथा नैनीताल जिले के रामगढ़ क्षेत्र में सरकारी भूमि निजी हाथों में दिए जाने जैसे मामलों ने भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) द्वारा विकसित किए जा रहे लैंड बैंक को लेकर भी जनता के बीच आशंकाएं बनी हुई हैं।
गोदियाल ने कहा कि राजस्व, पर्यटन, उद्यान, कृषि, सिडकुल तथा ऊर्जा निगमों की भूमि को एकत्रित कर भविष्य में निजी हितों के लिए उपयोग किए जाने की संभावनाओं को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस उत्तराखंड की जल, जंगल और जमीन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल रहे, जिनमें सूर्यकांत धस्माना, गरिमा महरा दसौनी, ज्योति रौतेला, राजकुमार, नवीन जोशी, वीरेंद्र पोखरियाल, गोदावरी थापली, लालचंद शर्मा और महेंद्र नेगी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैरिकेडिंग पर चढ़ने के दौरान हादसा टला
धरना-प्रदर्शन के दौरान कई कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए थे। अधिक भार पड़ने से बैरिकेड हिलने लगा, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला फिसलने से बाल-बाल बच गईं, जबकि डॉ. प्रतिमा सिंह गिरकर चोटिल हो गईं। हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है।
