मतदाता सत्यापन में बीएलओ करेंगे तीन बार घर का दौरा, कोई मतदाता नहीं छूटेगा

देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस दौरान यदि कोई मतदाता पहली बार घर पर नहीं मिलता है तो संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उसके घर तीन बार तक जाएंगे। इसके बाद भी संपर्क नहीं होने पर घर के गेट पर नोटिस चस्पा कर मतदाता को निर्धारित समय के भीतर फॉर्म भरने का अवसर दिया जाएगा।

यह जानकारी अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ का तीन चरणों में प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है तथा गणना फॉर्मों की शत-प्रतिशत छपाई भी पूरी हो चुकी है। इस पुनरीक्षण की अर्हता तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

डॉ. जोगदण्डे ने बताया कि प्रदेश के 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे। मतदाता चाहें तो ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से भी फॉर्म डाउनलोड कर भर सकते हैं और ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान जो पात्र नागरिक पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं, वे संबंधित बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म-6 भर सकते हैं। आपत्तियों के निस्तारण के समय इन आवेदनों पर विचार किया जाएगा।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में केवल भारतीय नागरिकों को ही शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से भारतीय नागरिकता सिद्ध करता है तो उसका नाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। जिनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है, उन्हें मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकता।