मनिंदर भुट्टर के सुरों से सराबोर हुआ हरिद्वार विश्वविद्यालय, देर रात तक झूमता रहा कैंपस

Roorkee: बाजूहेड़ी स्थित हरिद्वार विश्वविद्यालय में आयोजित वार्षिक समारोह ‘उत्कर्ष 2026’ के चतुर्थ दिवस पर भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसने पूरे परिसर को उत्साह, उमंग और संगीत के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सीए एस.के. गुप्ता एवं नीरू गुप्ता, उपाध्यक्ष नमन बंसल एवं नितिका बंसल, मास्टर सूर्यांश, यूनिवर्सिटी एडवाइजर डॉ. रमा भार्गव, प्रो-वीसी डॉ. आदेश आर्य तथा अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ की गई।
संगीत संध्या का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध पंजाबी गायक मनिंदर भुट्टर रहे, जिनकी प्रस्तुति का छात्रों को बेसब्री से इंतजार था। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, पूरा परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा। अपने सुपरहिट गीतों की शानदार प्रस्तुति से उन्होंने ऐसा समां बांधा कि छात्र-छात्राएं, शिक्षक और स्टाफ सभी देर रात तक झूमते नजर आए। उनकी मधुर आवाज, ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुति और शानदार स्टेज प्रेजेंस ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। रंग-बिरंगी लाइट्स, साउंड सिस्टम और दर्शकों की सहभागिता ने संगीत संध्या को और भी जीवंत बना दिया। छात्रों ने अपने पसंदीदा गानों पर जमकर डांस किया और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। यह संध्या न केवल मनोरंजन का माध्यम बनी, बल्कि छात्रों के लिए यादगार अनुभव भी साबित हुई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मनिंदर भुट्टर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष सीए एस.के. गुप्ता का जन्मोत्सव भी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें उपस्थित सभी शिक्षकों एवं स्टाफ ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की

इस सफल आयोजन में डायरेक्टर विपिन सैनी, रजिस्ट्रार सुमित चौहान, ओएसडी अभिनव भटनागर, डॉ. रविन्द्र सैनी, संजना सिंह, निशा धीमान, जितेंद्र चौधरी, डॉ. रविंद्र आर्य, डॉ. रोशन ठाकुर, प्रो. प्रज्ज्वल चौधरी, डॉ. जीया सजीव, डॉ. देवव्रत कुमार, डॉ. एकता जैन, प्रो. मृणालिनी सिंह सहित समस्त प्राध्यापकगण एवं स्टाफ का विशेष योगदान रहा। सभी के सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन भव्य, सफल और लंबे समय तक याद रखा जाने वाला बन गया।