

Dehradun : आगामी जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और भवन गणना की प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। इस बार गली-मोहल्लों की मैपिंग Google Maps की मदद से की जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र की सटीक जियो टैगिंग संभव हो सकेगी।

निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि प्रत्येक प्रगणक को दिए गए क्षेत्र की सीमाएं पहले नक्शे पर तय की जाएंगी। इसके बाद उसी आधार पर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा।

भवन गणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों को पांच प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है—मकान की स्थिति (Condition of House), परिवार की जानकारी (Household Information), घर में उपलब्ध सुविधाएं (Amenities), संपत्ति (Assets) और अन्य श्रेणियां।
इस बड़े अभियान के संचालन के लिए सभी 13 जिलों के जिलाधिकारी और 11 नगर निगमों के नगर आयुक्तों को प्रधान जनगणना अधिकारी बनाया गया है। जिलों में हजारों की संख्या में सुपरवाइजर और प्रगणक तैनात किए गए हैं। अल्मोड़ा, देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर सहित सभी जिलों में कुल 30,839 सुपरवाइजर और प्रगणक इस प्रक्रिया में भाग लेंगे।
नगर निगम क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में कर्मियों की नियुक्ति की गई है, जिसमें देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार और रुड़की प्रमुख हैं। ये सभी कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करेंगे।
सरकार का मानना है कि इस बार तकनीक के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी, जिससे भविष्य की योजनाओं के लिए बेहतर डेटा उपलब्ध हो सकेगा।

