

ऋषिकेश। श्यामपुर के कृष्णानगर कॉलोनी स्थित लक्कड़ घाट मार्ग पर फैली गंदगी स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को नाक पर रुमाल रखकर और सांसें रोककर इस मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।

कई महीनों से यहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे उठने वाली दुर्गंध और उड़ते कीटाणु बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब कूड़े में फेंके गए मीट-मछली के अवशेषों के कारण आवारा कुत्तों और चीलों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे हादसे का खतरा भी बना रहता है।
हालांकि कुछ समय पहले ग्राम पंचायत ने जेसीबी के माध्यम से आंशिक सफाई करवाई थी, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
इस समस्या की सबसे बड़ी वजह सीमा विवाद बन गया है। ग्राम पंचायत श्यामपुर और नगर निगम दोनों ही इस क्षेत्र को एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र में बताकर सफाई की जिम्मेदारी से बच रहे हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी सतेंद्र कुमार ने बताया कि आसपास के लोग स्कूटी से कूड़ा लाकर इसी स्थान पर फेंक देते हैं, क्योंकि यहां कोई निर्धारित डंपिंग स्थल नहीं है। जबकि पास की कृष्णानगर कॉलोनी में नियमित रूप से कूड़ा उठान वाहन पहुंचते हैं, फिर भी इस मार्ग की अनदेखी की जा रही है।
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने कहा कि यह स्थान ग्राम पंचायत के अधीन आता है और कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी जिला पंचायत की है, हालांकि नगर निगम कृष्णानगर तक कूड़ा वाहन भेज रहा है। वहीं ग्राम प्रधान सुषमा बिष्ट का कहना है कि जहां कूड़ा डंप किया जा रहा है, वह क्षेत्र ग्राम पंचायत का नहीं है।
सीमा विवाद में उलझी जिम्मेदार एजेंसियों के बीच स्थानीय लोग गंदगी और बदबू से परेशान हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
