PWD घोटाले में 8 कर्मचारियों को सजा, CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

देहरादून , उत्तराखंड में सीबीआई कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े 55 लाख रुपये के धोखाधड़ी मामले में 8 कर्मचारियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों को 2-2 साल के कठोर कारावास और कुल 2.85 लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी है। यह मामला जाली और अनधिकृत विभागीय चेक जारी कर सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़ा है।

सीबीआई की विशेष अदालत, देहरादून ने 20 मार्च 2026 को यह फैसला सुनाते हुए दीपक कुमार वर्मा (एलडीसी), मदन पाल (मेट), मणि राम (बेलदार), सुरेंद्र कुमार कौशिक (ड्राइवर), कासिम (सेवानिवृत्त बेलदार), सुखपाल सिंह (यूडीसी), चतर सिंह (रोलर ड्राइवर) और पालू दास (सहायक कोषाधिकारी, हरिद्वार) को दोषी करार दिया।

यह मामला वर्ष 2001-2002 के दौरान हरिद्वार में सामने आया था, जब पीडब्ल्यूडी के कुछ कर्मचारियों ने निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर फर्जी चेक जारी कर करीब 55.10 लाख रुपये की सरकारी धनराशि का गबन किया था। इस मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के 7 मई 2003 के आदेश पर 9 अगस्त 2003 को सीबीआई ने केस दर्ज किया था।

जांच पूरी होने के बाद 2005 में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों की मृत्यु हो गई, जबकि कुछ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। अदालत ने साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर 8 आरोपियों को दोषी ठहराया, जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया गया।