
रुड़की/कंकरखाता।
शराब का नशा सिर चढ़ा तो दोस्ती खून में बदल गई। मोबाइल फोन को लेकर हुई मामूली कहासुनी में रोहित उर्फ बालू ने अपने ही जिगरी दोस्त सन्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। जिस दोस्त ने भरोसे के नाम पर उसे मोबाइल खरीदने के लिए पैसे और अपना पहचान पत्र तक दिया, उसी का कत्ल करते हुए आरोपी के हाथ नहीं कांपे।

हैरानी की बात यह रही कि हत्या के बाद आरोपी रोहित मृतक सन्नी की तलाश में उसके परिजनों और ग्रामीणों के साथ शामिल रहा और सभी को गुमराह करता रहा। हालांकि उसका गुनाह ज्यादा दिन छिप नहीं सका। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार कंकरखाता गांव निवासी सन्नी की हत्या उसी के साथी रोहित उर्फ बालू ने गला दबाकर की थी। दोनों के बीच किस्तों पर खरीदे गए मोबाइल फोन को लेकर विवाद हुआ था। हत्या के बाद आरोपी ने शव को कुन्हारी गांव के पास गन्ने के खेत में छिपा दिया था।
पूछताछ में कबूला जुर्म
संदेह के आधार पर पुलिस ने सन्नी के साथियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान रोहित उर्फ बालू ने गुनाह कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गन्ने के खेत से सन्नी का शव बरामद किया। गुमशुदगी के मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
दोस्ती में दिलाया मोबाइल, बन गया मौत का कारण
इंस्पेक्टर राजीव रौथाण ने बताया कि 27 जनवरी को रोहित, सन्नी और एक अन्य युवक सुल्तानपुर गए थे। वहां सन्नी की मदद से रोहित ने किस्तों पर मोबाइल फोन खरीदा। इसके बाद सभी ने मिलकर शराब पी। देर रात और शराब लेने के लिए दोनों कुन्हारी पहुंचे, जहां मोबाइल को लेकर नशे की हालत में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर रोहित ने सन्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को खेत में छिपाकर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक सन्नी और रोहित हमउम्र थे और गहरे दोस्त थे। दोनों मजदूरी और छोटे-मोटे काम साथ करते थे। सन्नी ने दोस्ती निभाते हुए न सिर्फ मोबाइल अपने नाम पर दिलाया, बल्कि डाउन पेमेंट के लिए पैसे भी दिए। उसे जरा भी अंदेशा नहीं था कि यही मदद उसकी जान ले लेगी।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
शराब के नशे में दोस्तों के बीच हुई कहासुनी में हत्या की यह कोई पहली घटना नहीं है।
- 16 अक्तूबर को टांडा महतौली गांव में युवक की हत्या उसके साथियों ने शराब पीने के दौरान की थी।
- 9 अगस्त को भिक्कमपुर गांव में राजेश की डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी।
- वर्ष 2024 में सेठपुर गांव निवासी मनीष पर साथियों ने गोली चलाई थी, जिसकी एक साल बाद दोबारा गोली मारकर हत्या कर दी गई।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने शराब और अपराध के खतरनाक रिश्ते पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

