
देहरादून। प्रदेश के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में 500 से अधिक प्रवक्ताओं की प्रस्तावित भर्ती शैक्षिक योग्यता को लेकर स्पष्टता के अभाव में अटक गई है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) ने इस संबंध में शासन से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले सेवा नियमावली में समकक्ष शैक्षिक अर्हता का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा है।
आयोग ने शासन को भेजे पत्र में कहा है कि राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ता तथा लोक निर्माण विभाग में सहायक शोध अधिकारी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया एक रिट याचिका के चलते फिलहाल स्थगित है। उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, लेकिन उससे पहले सेवा नियमावली में मौजूद विसंगतियों को दूर करना आवश्यक होगा।
आयोग के अनुसार, वर्तमान सेवा नियमावली में “समकक्ष शैक्षिक अर्हता” का उल्लेख तो है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन-किन डिग्रियों या योग्यताओं को समकक्ष माना जाएगा। इसी अस्पष्टता के कारण भर्ती संबंधी कई मामले न्यायालय तक पहुंच रहे हैं, जिससे चयन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है। आयोग ने सुझाव दिया है कि सेवा नियमावली में “समकक्ष” शब्द के स्थान पर स्पष्ट शैक्षिक योग्यताओं का उल्लेख किया जाए।
आयोग ने यह भी बताया कि वरिष्ठ विश्लेषक (औषधि), वन क्षेत्राधिकारी, राजकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक, सफाई निरीक्षक और सहायक मानचित्रकार जैसी कई भर्ती परीक्षाएं भी समकक्ष अर्हता स्पष्ट न होने के कारण विधिक और तकनीकी अड़चनों का सामना कर चुकी हैं।
तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक देशराज ने बताया कि भर्ती से संबंधित आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। अगले एक-दो दिनों में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा, ताकि आवश्यक संशोधन के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
