ग्रेटर नोएडा हादसा: युवराज की बहन को यूके से भारत आने का वीजा मिला, इस सप्ताह पहुंचने की संभावना

UP: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की बहन और जीजा को यूनाइटेड किंगडम (यूके) से भारत आने का वीजा मिल गया है। दोनों के इसी सप्ताह भारत पहुंचने की संभावना है। हादसे के बाद से ही युवराज की बहन अपने भाई को अंतिम विदाई देने के लिए भारत आना चाहती थीं, लेकिन वीजा संबंधी औपचारिकताओं के चलते देरी हो रही थी।

परिजनों ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही युवराज की बहन गहरे सदमे में चली गई थीं। लगातार प्रयासों के बाद अब उन्हें और उनके पति को वीजा मिल गया है। परिजनों को उम्मीद है कि उनके भारत पहुंचने के बाद युवराज की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

पिता को यूके बुलाने पर बाद में होगा फैसला
युवराज की मौत के बाद उनके पिता राजकुमार मेहता अकेले रह गए हैं। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में कई रिश्तेदारों और खुद युवराज की बहन ने पिता को यूके बुलाने की बात कही है, हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। फिलहाल युवराज के चाचा और अन्य परिजन भारत में ही रह रहे हैं।

एसआईटी जांच पूरी, कार्रवाई का इंतजार
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 हादसे में युवराज की मौत के मामले में गठित एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। टीम शनिवार देर रात मेरठ लौट गई। प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से एसआईटी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है। अब कार्रवाई का इंतजार है।

16 जनवरी को हुए इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन किया था। पांच दिनों तक चली जांच के दौरान करीब 150 लोगों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें पुलिस, प्रशासन, प्राधिकरण के अधिकारी और चश्मदीद शामिल हैं। जल्द ही एसआईटी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।

रिपोर्ट पर उठे सवाल, परिजन नाराज
पुलिस की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि युवराज को बचाने की कोशिश करने वाले डिलीवरी बॉय मोनिंद्र की लोकेशन घटना के समय घटनास्थल से काफी दूर थी। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। वहीं पुलिस कंट्रोल रूम में आई पहली कॉल से लेकर रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक की पूरी टाइमलाइन भी रिपोर्ट में शामिल की गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो और मोनिंद्र के बयानों को पुलिस ने निराधार बताया है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच कराई जा रही है, लेकिन युवराज को बचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। दूसरी ओर, पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें इंसाफ मिलने में लगातार देरी हो रही है।