महंगा होगा सामान! उत्तराखंड के ट्रकों पर भार ले जाने की बंदिशें, दूसरे राज्यों को छूट क्यों ?

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की लाइफलाइन बनकर आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई कर रहे ट्रक आपरेटर परिवहन विभाग के दोहरे नियमों से जूझ रहे हैं। जहां राज्य का परिवहन विभाग पर्वतीय रूट पर ट्रक के वजन को मिलाकर 16 टन 200 किलो से अधिक भार को मंजूरी नहीं दे रहा।

वहीं दूसरे राज्यों के नेशनल परमिट वाले वाहन इससे दो से चार गुना तक वजन तक लेकर पहाड़ी रास्तों पर चल रहे हैं। पिछले चार दिन से हड़ताल कर रहे ट्रक आपरेटर ने सरकार से एक समान नियम लागू करने की मांग की है।ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि परिवहन विभाग के दोहरे नियमों की वजह से पहाड़ के ट्रक आपरेटर के सामने गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है। यदि सरकार ने जल्द निर्णय न किया तो यूनियन सभी आवश्यक सेवाओं का भी बहिष्कार शुरू कर देगी।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आदेश सैनी सम्राट कहते हैं ट्रकों के वजन की विसंगित काफी घातक साबित हो रही है। 55 टन तक वजन ढुलाने करने वाले ज्यादातर वाहन खनन व बड़े प्रोजेक्ट के उपकरणों को लाने-लेजाने का काम कर रहे है। सरकार को विसंगतियों को खत्म करते हुए एक समान नियम बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय न किया तो यूनियन जरूरी सेवाओं का भी बहिष्कार शुरू कर देगी। कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।

सचिव ने परीक्षण के निर्देश दिए

देहरादून। परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत ने शुक्रवार को हिन्दुस्तान से कहा कि ट्रक आपरेटर का मुद़दा उनकी जानकारी में आया है। संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह को इसका परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई तकनीकि खामी होगी तो निसंदेह सरकार उसका समाधान करेगी।

यह है विवाद

उत्तरांखड में पर्वतीय मार्ग पर ट्रकों को उनके वजह के साथ अधिकतम 16 टन 200 किलो अधिकतम वजन ले जाने की इजाजत है। इससे अधिक वजन लेकर पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रक नहीं चल सकते। जबकि दूसरे राज्यों से नेशनल परमिट पर आने वाले वाहन ज्यादा वजन के साथ आ रहे हैं। यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी कहते हैं कि 22 टायर वाले बडे ट्रक 55 टन तक वजन लेकर राज्य में आ रहे हैं। अधिक माल की ढुलाई करने की वजह से स्थानीय ट्रक आपरेटरों की जगह कारेाबारी बाहरी वाहनों को तरजीह दे रहे हैं। इससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।

NEWS SOURCE Credit : punjabkesari