

लक्सर क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान मावा और पनीर के नमूने अधोमानक पाए जाने के बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग की ओर से दो कारोबारियों के खिलाफ अपर जिलाधिकारी (एडीएम) न्यायालय में वाद दायर किया गया है।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के अनुसार, हाल ही में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन के नेतृत्व में टीम ने लक्सर तहसील के लादपुर कलां गांव में एक मावा निर्माता के प्रतिष्ठान से खुले मावा का नमूना लिया। इसके अलावा भोगपुर स्थित एक डेयरी से खुले पनीर का नमूना भी जांच के लिए लिया गया।

दोनों नमूनों को रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया, जहां जांच रिपोर्ट में मावा और पनीर दोनों अधोमानक पाए गए। इस मामले में मावा कारोबारी साजिद और डेयरी संचालक इरफान के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
इसके अलावा जिले के विभिन्न स्थानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के पांच अन्य नमूने भी जांच में फेल पाए गए हैं। इनमें बेलड़ा के एक ढाबे से लिए गए पनीर के नमूने के फेल होने पर प्रबंधक विकास और ढाबा स्वामी गुरजीत के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सलेमपुर के एक प्रोविजन स्टोर से लिया गया मूंगफली दाना भी अधोमानक मिला, जिस पर दुकान स्वामी बालम सिंह के खिलाफ वाद दायर किया गया। वहीं सजनपुर पीली स्थित एक भोजनालय से लिए गए बेसन के नमूने के फेल होने पर कर्मचारी रिशू सिंह और मालिक विनोद ठाकुर के खिलाफ भी कार्रवाई हुई।
भगवानपुर के झिड़ियाग्रंट में मावा निर्माता कादिर अली का मावा और स्ट्रीट वेंडर अब्दुर्रहमान के रसगुल्ले का नमूना भी अधोमानक पाया गया। इन सभी मामलों में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ एडीएम न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
