राज्य में भूजल दोहन पर लगेगा जल मूल्य-प्रभार, कैबिनेट से मिली मंजूरी..

Dehradun: राज्य कैबिनेट ने गैर-कृषिकारी उपयोग के लिए भूजल के निकास पर जल मूल्य-प्रभार की दरें लागू किए जाने को मंजूरी दे दी है। ये दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। हालांकि कृषि, कृषि से संबंधित कार्यों और राजकीय पेयजल व्यवस्था को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार भूजल उपयोग पर जल मूल्य-प्रभार की दरें क्षेत्र की स्थिति के आधार पर तय की जाएंगी। सुरक्षित, अर्द्धगंभीर, गंभीर और अति दोहित क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा भूजल के उपयोग के प्रकार के अनुसार भी शुल्क में अंतर रहेगा। भूजल उपयोग के पंजीकरण के लिए पांच हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

प्रदेश में बड़ी संख्या में होटल, वॉटर एम्यूजमेंट पार्क, वाहन धुलाई केंद्र और स्वीमिंग पूल भूजल का उपयोग कर रहे हैं। इसी प्रकार औद्योगिक इकाइयों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ रेजीडेंशियल अपार्टमेंट और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में भी भूजल का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।

कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब ऐसे सभी गैर-कृषिकारी उपयोगकर्ताओं को भूजल निकासी पर तय जल मूल्य-प्रभार का भुगतान करना होगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और अनियंत्रित दोहन पर प्रभावी रोक लग सकेगी।