
देहरादून।
राजधानी समेत देश के विभिन्न शहरों से संचालित होने वाले निजी पर्यटक परमिट वाहनों के नियमों में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ये संशोधित नियम एक अप्रैल 2026 से उत्तराखंड सहित सभी राज्यों में लागू हो जाएंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय पर्यटक यान (परमिट) संशोधन नियम, 2026 के तहत वर्ष 2023 की नियमावली में कई अहम संशोधन किए गए हैं।
होम स्टेट से ही शुरू करनी होगी यात्रा
नए नियमों के अनुसार अब प्रत्येक पर्यटक वाहन को अपनी यात्रा उस राज्य से ही शुरू करनी होगी, जहां से उसे परमिट जारी किया गया है। साथ ही, कोई भी वाहन अपने गृह राज्य से बाहर लगातार 60 दिनों से अधिक नहीं रह सकेगा।
टोल बकाया नहीं होने पर ही मिलेगा परमिट
परमिट के लिए आवेदन करते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित वाहन पर राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई टोल टैक्स बकाया न हो। यदि टोल शुल्क लंबित पाया गया तो परमिट जारी नहीं किया जाएगा।
परमिट की अवधि बढ़ाई गई
संशोधित नियमों के तहत पर्यटक वाहनों के परमिट की अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है, जिससे वाहन स्वामियों को दीर्घकालिक राहत मिलेगी।
पहचान संबंधी दस्तावेज अनिवार्य
नियमों में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यक्तिगत आवेदकों के लिए आधार नंबर अनिवार्य किया गया है। वहीं कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट पहचान संख्या (CIN) या जीएसटी नंबर देना जरूरी होगा। इससे यह सत्यापित किया जा सकेगा कि आवेदक का व्यवसाय उसी राज्य में पंजीकृत है, जहां से वाहन का रजिस्ट्रेशन किया गया है।
सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से पर्यटक वाहनों के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और राजस्व संग्रह में सुधार होगा।
