एम्स ऋषिकेश की ड्रोन मेडिकल सेवा बहाल, हेली एंबुलेंस अब भी ठप


ऋषिकेश। एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा एक बार फिर शुरू हो गई है। यह सेवा करीब 10 माह से बंद थी। वहीं एम्स की एयरो मेडिकल की महत्वपूर्ण हेली एंबुलेंस सेवा अभी भी शुरू नहीं हो पाई है।
एम्स ऋषिकेश में हेली एंबुलेंस और नियमित ड्रोन मेडिकल सेवाओं की सुविधाएं लंबे समय से बाधित थी। बीते वर्ष 17 मई को एम्स की हेली एंबुलेंस केदारनाथ में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। तब से यह सेवा ठप है। वहीं नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा भी करीब 10 माह से बंद थी। इन दोनों सेवाओं का राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को काफी फायदा मिल रहा था।
एम्स प्रशासन ने एक बार फिर ड्रोन मेडिकल सेवा शुरू कर दी है। मंगलवार को ड्रोन ने दवाइयों के साथ दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर एम्स के हेलिपैड से टिहरी के लिए उड़ान भरी। यह 30 मिनट में 50 किलोमीटर की दूरी तय कर दोपहर 12ः50 बजे बौराड़ी स्थित टिहरी के नगर पालिका परिसर में पहुंचा। जबकि वापसी में वहां से 1ः25 बजे रवाना हुआ और अपराह्न 1:55 बजे एम्स हेलिपैड पर उतरा।
इस अवसर पर एम्स के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाॅ. भारत भूषण, डीएमएस डाॅ. रवि कुमार, पीआरओ डाॅ. श्रीलोय मोहन्ती, विनीत कुमार सिंह, ड्रोन सेवाओं के कंसल्टेंट हरदीप एस मन्हास, पुनीत धमोला, राजीव सिंह, प्रवीन भाटी, शशांक सावन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

1 फरवरी 2024 से शुरू हुई थी ड्रोन मेडिकल सेवा
एम्स में एक फरवरी 2024 से नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा शुरू की गई थी। सेवा शुरू करने से पहले एम्स ने ड्रोन मेडिकल के चार ट्रायल किए थे। ड्रोन मेडिकल सेवा से सबसे पहले सीएचसी चंबा को जोड़ा गया था। सेवा के लिए एम्स ने टेक ईगल कंपनी से अनुबंध किया था। लेकिन कंपनी उक्त सेवा काे सुचारू नहीं रख पाई।

– संस्थान ड्रोन आधारित मेडिकल सेवाओं के माध्यम से राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक दवा पंहुचाने के लिए दृढ संकल्पित है। स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से जरूरतमंदों तक दवा पंहुचाने के लिए शीघ्र ही राज्य के अन्य इलाकों को इस सेवा से जोड़ा जाएगा।