लंढौरा (रुड़की)। तहसील नारसन क्षेत्र में प्रस्तावित जनगणना कार्य को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में लंढौरा में जनगणना के द्वितीय चरण के लिए नियुक्त प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, सूचनाओं के संकलन, निर्धारित प्रपत्रों को भरने और आंकड़ों को सही तरीके से दर्ज करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को जिम्मेदारी और सावधानी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से क्षेत्र की जनसंख्या और उससे संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्र की जाती हैं। इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की योजनाओं के निर्माण, विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने तथा विभिन्न सरकारी सुविधाओं की जरूरतों का आकलन करने में किया जाता है। ऐसे में जनगणना के दौरान प्रत्येक जानकारी को सही तरीके से दर्ज करना बेहद जरूरी है।
मास्टर ट्रेनरों ने प्रगणकों और सुपरवाइजरों को समझाया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सूचनाएं एकत्रित की जाएं और प्रपत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। आंकड़ों का संकलन करते समय विशेष सावधानी रखने, अभिलेखों को व्यवस्थित रखने और उपलब्ध जानकारी को निर्धारित प्रारूप में दर्ज करने पर जोर दिया गया। साथ ही कर्मचारियों को जनगणना कार्य के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान के संबंध में भी जानकारी दी गई, ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जानकारी के अनुसार, जनगणना कार्य की प्रस्तावित अवधि एक दिसंबर से चार जनवरी 2027 तक निर्धारित बताई गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित कर्मचारियों को पहले से प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे निर्धारित समय में कार्य को सुचारु रूप से पूरा किया जा सके। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराने के साथ ही जनगणना की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
