रुड़की और झबरेड़ा में औषधि विभाग की छापेमारी, आठ मेडिकल स्टोरों का क्रय-विक्रय रोका

रुड़की। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड की टीम ने मंगलवार को रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में विभिन्न थोक एवं फुटकर मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों, स्टॉक, एक्सपायरी दवाओं के रखरखाव, फार्मासिस्ट की उपस्थिति और ठंडे तापमान में रखी जाने वाली दवाओं के भंडारण की गहन जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर विभागीय टीम ने आठ मेडिकल स्टोरों का क्रय-विक्रय तत्काल प्रभाव से रोक दिया। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठानों के औषधि लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है।

कार्रवाई अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड ताजबर जग्गी के निर्देशन और उप औषधि नियंत्रक हेमंत नेगी के नेतृत्व में की गई। औषधि निरीक्षक हरीश सिंह, हार्दिक भट्ट और अमित कुमार आजाद की संयुक्त टीम ने विभिन्न मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया।

नारकोटिक और साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर

निरीक्षण के दौरान टीम ने विशेष रूप से नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री और उनके रखरखाव की जांच की। एनडीपीएस अधिनियम तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री से संबंधित नियमों के तहत रखे जाने वाले रजिस्टर, बिल बुक और दवाओं के स्टॉक का भी सत्यापन किया गया।

अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चिकित्सक के वैध पर्चे के बिना अनुसूचित और नारकोटिक दवाओं की बिक्री किसी भी स्थिति में न की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश

निरीक्षण के बाद विभाग ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को औषधि नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप दवा कारोबार संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही आम जनता के लिए आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और उन्हें उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने को कहा गया।

औषधि विभाग ने स्पष्ट किया कि नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। नियमों की अनदेखी करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।