

देहरादून। प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत यदि किसी मतदाता को वोट पर आपत्ति का नोटिस मिलता है तो उसे गंभीरता से लेना जरूरी है। नोटिस की अनदेखी करने पर मतदाता सूची से नाम हटाया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से चल रही एसआईआर प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नामों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें बड़ी संख्या उन आपत्तियों की है, जिनमें दावा किया गया है कि संबंधित मतदाता अब उस पते पर निवास नहीं करता। ऐसे मामलों में बीएलओ के माध्यम से मतदाता को फॉर्म-10 का नोटिस भेजा जा रहा है। सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ता को जहां मतदाता के वहां न रहने का प्रमाण देना होगा, वहीं मतदाता को भी ईआरओ या एईआरओ के समक्ष अपने निवास का वैध प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। यदि मतदाता के जवाब और दस्तावेजों से ईआरओ संतुष्ट नहीं होते हैं तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। इसलिए नोटिस मिलने पर समय रहते सुनवाई में शामिल होकर ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत करना जरूरी है, जिनसे संबंधित पते पर निवास साबित हो सके। अंतिम निर्णय लेने का अधिकार ईआरओ को दिया गया है।
