

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास को गति देने के उद्देश्य से पेयजल, सिंचाई, पर्यटन और आधारभूत ढांचे से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के लिए लगभग 38 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही पांचवें और छठे केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों की महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
नाबार्ड वित्तपोषित योजना के अंतर्गत चमोली और अल्मोड़ा जिलों में सिंचाई विभाग की पांच योजनाओं के लिए 12.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, सिंचाई विभाग की सात अन्य परियोजनाओं हेतु 15.06 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए चंपावत जिले में 50 हैंडपंप और 31 सोलर पैनलों की स्थापना के लिए 3.98 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर स्थित पर्यटक आवास गृह के उच्चीकरण के लिए 4.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा पौड़ी गढ़वाल में प्रस्तावित एनसीसी अकादमी के लिए 50 करोड़ रुपये की संशोधित परियोजना लागत के सापेक्ष पहली किस्त के रूप में 1 करोड़ रुपये जारी करने की स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, पांचवें वेतनमान के पेंशनरों की डीआर 474 से बढ़ाकर 484 प्रतिशत तथा छठे वेतनमान के पेंशनरों की डीआर 257 से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
