उत्तराखंड मतदाता सूची में चौंकाने वाली विसंगतियां, दो लाख मतदाताओं के माता-पिता ‘नाबालिग’

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण में बड़ी संख्या में विसंगतियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 19.04 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं, जिनमें कई मामले बेहद चौंकाने वाले हैं। इनमें करीब दो लाख ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनके माता-पिता की उम्र उनके मुकाबले महज 15 वर्ष या उससे कम अधिक दर्ज है।

आंकड़ों के अनुसार, 1,99,121 मतदाताओं के माता-पिता की आयु रिकॉर्ड में इतनी कम पाई गई कि वे व्यावहारिक रूप से नाबालिग प्रतीत होते हैं। हरिद्वार जिले में 43,418 और ऊधमसिंह नगर में 38,818 ऐसे मामले सामने आए हैं। अल्मोड़ा की सल्ट विधानसभा में 28 प्रतिशत मतदाता इस श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।

इसके अलावा, 92,114 मतदाताओं के दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र उनसे 40 वर्ष से भी कम अधिक दर्ज की गई है, जिससे रिकॉर्ड की सटीकता पर सवाल खड़े हुए हैं। ऊधमसिंह नगर में ऐसे 21,036 और हरिद्वार में 14,071 मामले पाए गए।

रिपोर्ट के अनुसार, ऊधमसिंह नगर जिले की रुद्रपुर विधानसभा में 89 प्रतिशत मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां दर्ज की गई हैं, जबकि 42,808 मतदाताओं का पता-ठिकाना भी स्पष्ट नहीं हो सका है। चुनाव आयोग अब इन आंकड़ों के सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया में जुटा है।