

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड ने शिक्षा, अनुसंधान, विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई बातचीत में इन क्षेत्रों को दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
दोनों नेताओं ने अधिकारियों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत से कृषि, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल तकनीक, विज्ञान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियां विकसित करने का आह्वान किया। दोनों देशों ने माना कि शिक्षा आपसी संबंधों को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे छात्रों को नए अवसर मिलेंगे और शोध तथा आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सहमति के तहत छात्र विनिमय कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाएगा, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच नई साझेदारियां स्थापित की जाएंगी तथा अनुसंधान और नवाचार से जुड़े संयुक्त कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही कौशल विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
दोनों देशों ने 2025 के शिक्षा सहयोग समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। वहीं, भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी के बीच आपदा प्रबंधन सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ कृषि, स्वच्छ ऊर्जा और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
