


टिहरी गढ़वाल। जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गश्त के दौरान सर्विस राइफल की गोली लगने से बलिदान हुए अग्निवीर रोहित सिंह रावत का शुक्रवार को भिलंगना घाटी स्थित बिनपुला घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वीर जवान को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
भिलंगना ब्लॉक के मेंडू सिंधवाल गांव निवासी 21 वर्षीय रोहित सिंह रावत, पुत्र सुरेंद्र सिंह, एक वर्ष पूर्व अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। जनवरी 2026 में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में की गई थी। बताया गया कि 10 जून को नौशेरा में गश्त के दौरान अचानक उनकी सर्विस राइफल से गोली लगने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी सेना द्वारा जांच की जा रही है।


11 जून की देर रात जब रोहित का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बेटे का शव देखते ही परिजन फूट-फूटकर रो पड़े, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान “भारत माता की जय” और “अमर बलिदानी रोहित रावत अमर रहें” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद बिष्ट, एसडीएम मंजू राजपूत, तहसीलदार महेशा शाह सहित बड़ी संख्या में लोगों ने वीर जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
देश के लिए रोहित सिंह का सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
