


गोपेश्वर,
चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ऊंचाई और मौसम संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं में सांस लेने में दिक्कत और रक्तचाप संबंधी समस्याएं अधिक देखी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक बदरीनाथ धाम के सरकारी अस्पताल, एमआरपी सेंटर और इमरजेंसी सेवाओं के माध्यम से 7050 श्रद्धालुओं को उपचार एवं स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा चुका है।
चारधाम यात्रा के एक माह के भीतर आठ लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। इसके बावजूद धाम से करीब 15 किलोमीटर पहले पांडुकेश्वर में स्थापित स्वास्थ्य जांच केंद्र पर अब तक लगभग 54 हजार श्रद्धालुओं की ही स्क्रीनिंग हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में यात्री स्वास्थ्य परीक्षण कराए बिना सीधे धाम पहुंच रहे हैं, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचने पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ रही है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए बुजुर्ग, अस्वस्थ और जोखिम वाले यात्रियों की प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन का स्तर अपेक्षाकृत कम होने और मौसम में लगातार बदलाव के कारण कई श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी तथा रक्तचाप संबंधी दिक्कतें हो रही हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 54,007 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है, जिनमें 2,891 श्रद्धालु 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बदरीनाथ धाम और आस्था पथ (गौचर से बदरीनाथ) पर यात्रा के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण अब तक 40 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो चुकी है। वहीं गंभीर रूप से बीमार छह श्रद्धालुओं को हेलिकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर रेफर किया गया है।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर क्यूआर कोड उपलब्ध हैं। श्रद्धालु इन क्यूआर कोड को स्कैन कर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सलाह, सावधानियां और यात्रा के दौरान अपनाई जाने वाली जरूरी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
