

Dehradun : आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) के तहत अब लोग घर बैठे ही अपना विवरण भर सकेंगे। यह सुविधा 10 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, जिसके लिए आधिकारिक पोर्टल पहले ही जारी कर दिया गया है। पूरी प्रक्रिया को आसान और समय बचाने वाला बनाया गया है, जिसे पूरा करने में लगभग 15 से 20 मिनट का समय लगेगा।

उत्तराखंड में स्व-गणना के लिए निर्धारित वेबसाइट https://se.census.gov.in पर जाकर उपयोगकर्ता अपने राज्य का चयन कर प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मानचित्र पर घर की सटीक लोकेशन मार्क करने के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करना अधिक सुविधाजनक रहेगा।

स्व-गणना के लिए परिवार के मुखिया का नाम और एक मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। ध्यान रहे कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक ही परिवार के लिए किया जा सकेगा। पंजीकरण के समय दर्ज नाम और चयनित भाषा को बाद में बदला नहीं जा सकेगा, इसलिए इसे सावधानीपूर्वक भरना जरूरी है।
इस प्रक्रिया की खास बात इंटरएक्टिव मैपिंग है, जिसमें उपयोगकर्ता को स्क्रीन पर दिख रहे लाल मार्कर को खींचकर अपने घर की सटीक लोकेशन पर रखना होगा। इससे प्रगणकों को बाद में डाटा सत्यापन में आसानी होगी।
पूरी जानकारी भरने और सबमिट करने के बाद सिस्टम एक 11 अंकों की यूनिक स्व-गणना पहचान संख्या (एसई आईडी) जनरेट करेगा, जो ‘H’ अक्षर से शुरू होगी। यह आईडी एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से भी भेजी जाएगी।
प्रगणक घर आने पर क्या करें
जब जनगणना प्रगणक आपके घर आए, तो केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि यह आईडी उनके रिकॉर्ड से मेल खाती है, तो दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, आईडी का मिलान न होने पर प्रगणक फिर से डाटा एकत्र करेगा।
उपयोगकर्ता अंतिम सबमिशन से पहले अपने डाटा को ड्राफ्ट के रूप में सेव कर सकते हैं, लेकिन एक बार सबमिट करने के बाद उसमें कोई बदलाव संभव नहीं होगा। भवन संख्या और जनगणना मकान संख्या जैसी तकनीकी जानकारियां प्रगणक स्वयं दर्ज करेंगे।
प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से इस ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है, जिससे जनगणना का पहला चरण सरल और तेज़ बनाया जा सके।
