
रुड़की/भगवानपुर।
मंगलवार को तहसील दिवस के दौरान राशन कार्ड, भूमि पैमाइश, फसल मुआवजा न मिलने सहित विभिन्न शिकायतें सामने आईं। सुबह से ही लोग अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर तहसील परिसर पहुंचने लगे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें भूमि पैमाइश से संबंधित रहीं। ग्रामीण मुकेश कुमार ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले एक फैक्टरी द्वारा दूषित पानी सिंचाई विभाग की माइनर में छोड़ा गया, जिससे खेत में खड़ी फसल नष्ट हो गई। शिकायत के बावजूद न तो मुआवजा मिला और न ही संबंधित फैक्टरी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई।
इसके अलावा राशन कार्ड, भूमि पैमाइश और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखी गईं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने संबंधित विभागों को शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि तहसील दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करना है, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस अवसर पर एएसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार विकास अवस्थी सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
भगवानपुर में 11 शिकायतें दर्ज
भगवानपुर तहसील दिवस पर उपजिलाधिकारी डीएस नेगी ने जनसमस्याएं सुनीं और अधिकारियों को ग्रामीणों से सीधा संवाद कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान कुल 11 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश पेंशन, राशन कार्ड, सड़क, चकबंदी और राजस्व विभाग से संबंधित थीं। इनमें से छह शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, समाज कल्याण, चकबंदी और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

