
रुड़की।
मकर संक्रांति का पावन पर्व इस वर्ष रुड़की में भीषण ठंड के नाम दर्ज हो गया। बुधवार को ठंड ने पिछले 30 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान मात्र 9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बीते तीन दशकों के औसत तापमान से लगभग 10.8 डिग्री कम रहा।

सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा और सर्द हवाएं चलती रहीं। दिनभर धूप न निकलने के कारण ठंड का असर और बढ़ गया। ठिठुरन भरी ठंड ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। सड़कों पर आवाजाही कम रही, वहीं बाजारों में भी रौनक फीकी नजर आई।
सबसे अधिक परेशानी खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने वाले लोगों को उठानी पड़ी। ठंड से बचने के लिए लोग दिन-रात अलाव का सहारा लेते दिखाई दिए। वहीं, मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था में लीन श्रद्धालु कड़ाके की ठंड के बावजूद गंगा घाटों पर स्नान करते नजर आए।
पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके और कोहरा-ठंड का प्रकोप बना रहा। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। रुड़की में बुधवार का दिन भीषण ठंड के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
बीते एक सप्ताह का तापमान (डिग्री सेल्सियस में):
दिन — अधिकतम / न्यूनतम
- बुधवार — 9 / 4.5
- मंगलवार — 19.5 / 3.5
- सोमवार — 12.5 / 5
- रविवार — 10.8 / 6
- शनिवार — 22 / 4.5
- शुक्रवार — 18.5 / 5
- बृहस्पतिवार — 16 / 7

