अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना अपने समय के वो सुपरस्टार थे, जिनके पास डायरेक्टर्स और फिल्ममेकर्स की लाइन लगी रहती थी। अमिताभ बच्चन तो आज भी बॉलीवुड पर राज कर रहे हैं। इस बीच दिग्गज अभिनेता रजा मुराद ने बताया कि निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने ‘नमक हराम’ के निर्माण के दौरान सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना को सेट पर अनुशासन बनाए रखने के लिए एक कमरे में बंद कर दिया था। 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके मुराद को मुखर्जी द्वारा निर्देशित ‘नमक हराम’ से प्रसिद्धि मिली।

जब नाराज हो गए ऋषिकेश मुखर्जी
एएनआई को दिए गए एक साक्षात्कार में 74 वर्षीय अभिनेता ने एक किस्सा सुनाया, जिसमें मुखर्जी शूटिंग के दौरान अभिनेताओं द्वारा फोन कॉल पर ध्यान देने से निराश हो गए थे और उन्होंने ध्यान केंद्रित रखने के लिए सख्त कदम उठाए थे। यह घटना ‘सूनी रे सेजरिया’ गाने की शूटिंग के दौरान हुई, जिसमें जयश्री टी और हबीबा रहमान ने काम किया था।
राजेश खन्ना शूटिंग छोड़ फोन अटैंड करने चले गए
उन्होंने कहा- ‘जयश्री टी और हबीबा रहमान पर एक मुजरा पिक्चराइज हो रहा था, सूनी रे सजरिया। मैं उस स्टूडियो में था और जो दफ्तर था वो काफी दूर था, फासला काफी था। तो उन्होंने एक कम्बाइंड शॉट लगाया। वो पिंटू को बुलाओ, पिंटू को बुलाओ (ऋषिकेश मुखर्जी राजेश खन्ना को प्यार से पिंटू बुलाते थे।) वो फोन अटैंड करने गए। एक्सटेंशन भी नहीं था, तो आपको दूर जाना पड़ता था।’ डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी को अभिनेता के इस व्यवहार से गुस्सा आया, क्योंकि इससे निर्माता को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अमिताभ बच्चन को फोन किया, लेकिन वह भी फोन कॉल पर व्यस्त थे, जिसके कारण फिल्म निर्माता भड़क गए।
अमिताभ बच्चन भी कॉल में थे व्यस्त
‘क्या पिंटू तुम, फोन करने जाता है, कितना नुकसान होता है प्रोड्यूसर का। 4000 रुपया 1 का एक मिनट में नुकसान हो जाता है। अभी बैठो। ओमित (अमिताभ बच्चन) को बुलाओ। सर, उनका भी फोन आया है। दोनों को बुलाया, बैठाया और क्लास ली। तुम दोनों इधर काम करने आया है।’ इसके बाद निर्देशक ने दोनों कलाकारों को शूटिंग के दौरान फोन कॉल्स अटेंड करने के लिए फटकार लगाई और उन्हें निर्देश दिया कि वे ‘सूनी रे सेजरिया’ गाने की शूटिंग पूरी होने तक फिल्म का सेट न छोड़ें।
सेट पर अमिताभ बच्चन-राजेश खन्ना को किया बंद
उन्होंने कहा- ‘अभी जब तक गाना खत्म नहीं होगा, कोई सेट से बाहर नहीं जाएगा। चौकीदार को बुलाया, अंदर से ताला लगा दिया। रात के 12.30 बजे तक जब तक गाना खत्म नहीं होगा, ना ही कोई अंदर से बाहर आएगा और ना ही कोई सेट से बाहर जाएगा।’ नमक हराम में अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना और रज़ा मुराद के अलावा रेखा, असरानी, एके हंगल, सिमी गरेवाल और ओम शिवपुरी भी अहम भूमिकाओं में थे। यह फिल्म 1971 की क्लासिक फिल्म ‘आनंद’ के बाद बच्चन, खन्ना और मुखर्जी के बीच दूसरी फिल्म थी।
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