रूह कंपा देने वाली क्रूरता: सगी बहन पर चाकू से 80 वार करने वाला ‘यूट्यूबर’ भाई अब जेल में तन्हा, कैदियों में भी खौफ

मुरादाबाद | बुद्धि विहार के पॉश इलाके में अपनी जुड़वां बहन की नृशंस हत्या करने वाले आरोपी हार्दिक की गिरफ्तारी के बाद जेल प्रशासन हाई अलर्ट पर है। लिवर, किडनी और दिल तक को चाकू से छलनी कर देने वाले इस ‘साइको’ हत्यारे की क्रूरता से न केवल पुलिस, बल्कि जेल के अन्य बंदी और कैदी भी इस कदर डरे हुए हैं कि उन्होंने उससे पूरी तरह दूरी बना ली है।

वारदात की भयावहता: 80 घाव और कंबल में लिपटा शव

शुक्रवार की दोपहर बुद्धिविहार सेक्टर-2 में जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया। आरोपी हार्दिक (25), जो पूर्व में गूगल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में इंजीनियर था, ने अपनी सगी बहन हिमशिखा पर चाकू से 80 से ज्यादा वार किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की स्थिति देख पुलिस भी दंग रह गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को कंबल में लपेट दिया और अपनी मां को मारने की साजिश रचने लगा।

मां को भी ऑफिस से बुलाकर किया जानलेवा हमला

अपनी बहन को मौत के घाट उतारने के बाद हार्दिक अपनी मां नीलिमा को उनके ऑफिस से यह कहकर घर लाया कि उन्हें वापस गुरुग्राम निकलना है। घर पहुंचते ही जब मां ने आंगन में बेटी का शव देखा, तो हार्दिक ने उन पर भी हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों के जुटने पर वह कार लेकर फरार हो गया था, जिसे शनिवार को नया मुरादाबाद से दबोचा गया।

विवाद की जड़: अंतरधार्मिक विवाह की जिद

पूछताछ में सामने आया है कि हार्दिक पुणे की एक दूसरे समुदाय की लड़की से शादी करना चाहता था। उसकी मां और बहन इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी बात को लेकर वह लंबे समय से आक्रोश में था। 3 मार्च को होली मनाने घर आए भाई-बहन के बीच शुक्रवार को इसी बात पर विवाद हुआ, जो इस खूनी अंजाम तक पहुंचा।

जेल में सीसीटीवी की कड़ी निगरानी

वरिष्ठ जेल अधीक्षक आलोक सिंह के अनुसार, हार्दिक की मानसिक स्थिति और उसके हिंसक व्यवहार को देखते हुए उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। बैरक में उस पर सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे नजर रखी जा रही है। जेल के अन्य कैदी उससे बात करने तक से कतरा रहे हैं।


मुख्य बिंदु:

  • आरोपी: हार्दिक (पूर्व गूगल इंजीनियर, वर्तमान यूट्यूबर)।
  • मृतका: हिमशिखा (असिस्टेंट मैनेजर, आईटी कंपनी)।
  • वजह: प्रेम विवाह को लेकर पारिवारिक असहमति।
  • स्थिति: आरोपी न्यायिक हिरासत में, विशेष सेल में बंद।