
रुड़की।

11 फरवरी को IIT Roorkee के एमबीए द्वितीय वर्ष के छात्र के गंगनहर में डूबने की घटना के बाद से जारी सर्च ऑपरेशन एक सप्ताह बाद भी जारी है। छात्र का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इस दौरान दो बार नहर का पानी बंद किया जा चुका है और सोमवार को फिर बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया गया।
नहर का पानी दोबारा बंद कर बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप के जवान, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, आपदा प्रबंधन और जल पुलिस की टीमें मौके पर उतरीं। करीब 20 पेशेवर गोताखोरों को विशेष रूप से बुलाया गया है, जिनमें देश के चर्चित गोताखोर शामिल बताए जा रहे हैं।
करीब 100 सदस्यीय टीम गंगनहर को बाल्मीकि घाट से आसफनगर झाल तक सघन रूप से खंगाल रही है। नहर के चप्पे-चप्पे की अलग-अलग तकनीकों से तलाशी ली जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में नहर में डूबने की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। सामान्यतः ऐसे मामलों में जल पुलिस या एसडीआरएफ की सीमित टीम लगाई जाती है और कभी-कभार पानी का स्तर कम किया जाता है, लेकिन इस तरह दो बार नहर बंद कर इतने बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया जाना अभूतपूर्व माना जा रहा है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम को नहर से एक अज्ञात शव भी बरामद हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शव काफी पुराना प्रतीत हो रहा है और उसकी अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान और अग्रिम कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इधर छात्र के परिजन और सहपाठी लगातार घटनास्थल पर डटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक छात्र का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।

