
देहरादून। रानीपोखरी क्षेत्र के लिष्ट्राबाद में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी) खोलने की मांग को लेकर प्रधान संगठन और ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन को स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है।
धरना स्थल पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और पेंशनर्स संगठन के सदस्यों ने पहुंचकर ग्रामीणों को अपना समर्थन दिया।
सरकार पर शिलान्यास लटकाने का आरोप
भाजपा किसान मोर्चा सह-संयोजक अरुण शर्मा और प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही किया गया था और वर्तमान में भी प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास कार्य को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस देरी से रानीपोखरी क्षेत्र की जनता में भारी रोष है, जिसके चलते ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप
नरेंद्र चौहान और पुष्पराज बहुगुणा ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने स्थानीय कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुन रही है। वहीं, पेंशनर्स संगठन अध्यक्ष धर्म सिंह कृषाली और वीरेंद्र कृषाली ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना से न केवल रानीपोखरी बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की आंतरिक राजनीति में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का मुद्दा उलझ कर रह गया है।
धरने में संदीप भट्ट, सतीश सेमवाल, सुनील यादव, संजय असवाल और नवीन चौधरी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
