पनियाला रोड जलभराव: रहीमपुर ग्रामीणों का नाले पर विरोध, मेयर-प्रधान प्रतिनिधि के बीच तीखी नोकझोंक

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रुड़की में जलभराव का विवाद भड़का: रहीमपुर ग्रामीणों ने रोका नाला खुलवाना, मेयर-प्रधान प्रतिनिधि के बीच धक्कामुक्की, आयुक्त ने बताया स्थायी समाधान

रुड़की, 9 जनवरी। शिवपुरम, कृष्णा नगर और पनियाला रोड क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम की जेसीबी मशीन और पुलिस बल के साथ टीम पहुंची। नाले को जबरन खोलने पर रहीमपुर गांव के ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने निगम पर “अपना गंदा पानी गांव में डालकर डुबोने” का गंभीर आरोप लगाया। इस टकराव में मेयर अनीता अग्रवाल और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नदीम के बीच तीखी नोकझोंक व धक्कामुक्की तक हो गई, जिससे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया।

पनियाला रोड की कई कॉलोनियों में नालों की समुचित निकासी न होने से हर बरसात में पानी सड़कों, घरों और दुकानों में घुस जाता है। समस्या तब और गंभीर हुई जब रहीमपुर के ग्रामीणों ने अपनी ओर बहने वाले नाले को बंद कर दिया। नतीजा यह कि अब तक कॉलोनियों में पानी जमा है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी हो रही है। निगम की कार्रवाई के खिलाफ बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नदीम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “नगर निगम का गंदा पानी जबरन हमारे गांव की ओर मोड़ा जा रहा है। इससे घर, खेत और फसलें बर्बाद हो जाएंगी। पहले भी निगम का पानी गांव भर चुका था, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस “जबरन कार्रवाई” के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएंगे और मेयर, नगर आयुक्त समेत अधिकारियों पर मुकदमा ठोकेंगे। ग्रामीणों ने नारा लगाते हुए टीम को आगे बढ़ने से रोका।

मेयर अनीता अग्रवाल और उनके प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल ने ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से खारिज किया। मेयर ने कहा, “कुछ लोग जानबूझकर नगर निगम की जनहितैषी कार्रवाई में बाधा डाल रहे हैं। पनियाला रोड के हजारों निवासी जलभराव से त्रस्त हैं। नाला खोलना अनिवार्य है, वरना निकासी असंभव।” उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सहयोग करें।

नगर आयुक्त राकेश तिवारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जलभराव मुक्ति नगर निगम की प्राथमिकता है। “स्थायी समाधान के लिए शीलाखाला नदी तक नया नाला बनाने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पीडब्लूडी के माध्यम से शासन को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर देंगे। तब तक अस्थायी उपाय जारी रहेंगे।” उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील की।

इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत से ही समाधान संभव लगता है, वरना समस्या और गहरा सकती है।