उत्तराखंड के तीन जिलों में शनिवार को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी कहीं बारिश की तीव्रता और होने की संभावना है।

उत्तराखंड में मॉनसून सीजन में काफी नुकसान हुआ है। पर्वतीय इलाकों में कई जगहों पर बादल फटने से जन और धन की हानि हुई है। शुक्रवार को भी चार जगह बादल फटने से नुकसान हुआ है। प्रदेश की कई हिस्सों में गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक लगातार होती रही। जिससे नदी नाले तूफान पर आ गए और अपने साथ सब कुछ बाहर कर ले गए। पर्वतीय क्षेत्र में भूस्खलन होने से 40 से अधिक भवन और गौशाला के साथ ही कई सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। खेतों में मलबा भर गया है तो वहीं विद्युत पोल और पेयजल लाइन में भी क्षतिग्रस्त हो गई है जिसकी वजह से लोगों को बिजली पानी की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।
मैदानी इलाकों में नाले उफान पर
वहीं, मैदानी क्षेत्रों में जल भराव और नाले उफान पर आने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस मानसून सीजन में चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून, बागेश्वर और खटीमा में सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को आई आपदा में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
चमोली में दो मकान ध्वस्त
चमोली के देवाल विकासखंड के मोपता गांव में बादल फटने से दो मकान ध्वस्त हो गए। इनमें से एक मकान में रह रहे तारा सिंह कुंवर और उनकी पत्नी कमला देवी की मौत हो गई जबकि दूसरे मकान में बंद 22 से अधिक मवेशी भी दब गए।
रुद्रप्रयाग के 40 मकानों में घुसा मलबा
रुद्रप्रयाग के बसुकेदार तहसील के आधा दर्जन गांवों में रात के समय बादल फटने से भारी नुकसान पहुंचा है। यहां 40 मकान में मलबा घुस गया और 1000 नाली से अधिक कृषि भूमि और तीन वाहन बह गए। यहां से आठ लोग लापता है जिनकी मलबे में दर्द होने की आशंका है। इनके साथ कई मवेशी भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
बागेश्वर में बादल फटने से नुकसान
वहीं, जखोली तहसील के जखोली गांव में एक भवन की दीवार गिरने से सरिता देवी पत्नी जसपाल लाल की मौत हो गई। उधर बागेश्वर में भी बादल फटने से पोंसरी स्थित साईंजोर तोक में दो मकान ध्वस्त हो गए। इन मकानों में रह रहे दो भाइयों के परिवारों के पांच लोग मलबे में दब गए हैं। एसडीआरएफ ने दो महिलाओं बसंती देवी और बच्चों देवी के शव बरामद कर लिए जबकि तीन लोग अभी भी लापता है। वही खटीमा में आकाशीय बिजली गिरने से ठग्गू देवी की मौत हो गई।
15 सितंबर तक रहेगा मानसून
मानसून 15 सितंबर तक जारी रहेगा। 15 सितंबर तक मानसून थोड़ा हल्का हो सकता है। सितंबर के आखिरी सप्ताह तक मानसून की विदाई हो सकती है। उत्तराखंड में औसतन 25 सितंबर तक मानसून विदा हो जाता है। 2023 में 6 अक्टूबर और 2024 में 2 अक्टूबर को मानसून की विदाई हुई थी इस बार भी 25 सितंबर के आसपास मानसून के विदा होने की संभावना है।